करोड़ों की लागत से बना स्वामी आत्मानंद स्कूल चंद वर्षों में जर्जर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Yash Painkra
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डाडकरवा के स्कूल भवन में जगह-जगह दरारें,पानी का रिसाव और उखड़ रहा प्लास्टर।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित।

सूरजपुर। प्रतापपुर विकासखंड के रेवटी डाडकरवा में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल का भवन महज दो से तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंचता नजर आ रहा है। भवन की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़कर गिरने लगा है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।

स्कूल भवन की मौजूदा स्थिति देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भवन की कई दीवारें सीपेज के कारण काली पड़ गई हैं, वहीं जगह-जगह प्लास्टर कमजोर होकर हाथ लगाने मात्र से गिरने की स्थिति में बताया जा रहा है। बारिश के दौरान पानी का रिसाव समस्या को और गंभीर बना रहा है।सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना का उद्देश्य दूर-दराज के बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन रेवटी में स्कूल भवन की यह स्थिति जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना का उद्देश्य दूर-दराज के बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन रेवटी में स्कूल भवन की यह स्थिति जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

चंद वर्षों में ही ऐसी हालत,तो आगे क्या होगा?

ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन का निर्माण हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए हैं और इतनी कम अवधि में दीवारों में दरार, सीपेज तथा प्लास्टर गिरने जैसी समस्या सामने आने लगी है, तो आने वाले वर्षों में भवन की स्थिति और खराब होने की आशंका है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि स्कूल भवन की खराब स्थिति से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं, जिसके बाद लोगों में निर्माण कार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रिपेयरिंग कार्य कराया जाए।

जांच और कार्रवाई की मांग।

ग्रामीणों ने स्कूल भवन के निर्माण में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित निर्माण एजेंसी/ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत कराकर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।अब देखने वाली बात होगी कि करोड़ों की लागत से तैयार किए गए इस शैक्षणिक भवन की दुर्दशा पर जिम्मेदार विभाग कब संज्ञान लेता है और निर्माण गुणवत्ता की जांच कब शुरू होती है।

अब देखने वाली बात होगी कि करोड़ों की लागत से तैयार किए गए इस शैक्षणिक भवन की दुर्दशा पर जिम्मेदार विभाग कब संज्ञान लेता है और निर्माण गुणवत्ता की जांच कब शुरू होती है। इस विषय में कलेक्टर सूरजपुर रैना जमील ने कहा कि विभाग को निर्देशित कर जांच कार्यवाही की जाएगी और जहां सिपेज है उसके सुधार एवं ठेकेदार के ऊपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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